Har Shaksh Mera saath nibha nahi sakta- Best Urdu Ghazal by Waseem Barelavi in Hindi Font
Shivam Upadhyay
सितंबर 20, 2012
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क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता आँसू की तरह आँख तक आ भी नहीं सकता तू छोड़ रहा है, तो ख़ता इसमें तेरी क्या हर शख्स मेरा साथ, निभा भी ...
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