Mehfil -Kisi ne zahar kakah hai ,kisi ne shehad kaha hai - Rahat Indauri Ghazal
Shivam Upadhyay
अक्टूबर 17, 2012
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किसी ने जहर कहा है किसी ने शहद कहा कोई समझ नहीं पाता है जायका मेरा मैं चाहता था ग़ज़ल आस्मान हो जाये मगर ज़मीन से चिपका है काफ़िया मेरा मैं ...
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