(१) कौन जाने कब मौत का पैगाम आ जाये !
जिंदगी की आखरी शाम आ जाये....!!
हम तो ढूंढते हैं वक्त ऐसा....!
जब हमारी जिंदगी आपके काम आ जाये !!
(२) मोहब्बत के सपने दिखाते बहुत हैं !
वो रातों में हमको जगाते बहुत हैं !!
मैं आँखों में काजल लगाऊ तो कैसे !
इन आँखों को लोग रुलाते बहुत हैं !!
(३) तेरे होने पर खुद को तनहा समझू !
मैं बेवफा हूँ या तुझको बेवफा समझू !!
ज़ख्म भी देते हो मलहम भी लगाते हो !
ये तेरी आदत हैं या इसे तेरी अदा समझू !!
(४) यादें तो दिलों को और पास करती हैं !
ज़िन्दगी आप के होने पर नाज़ करती हैं !!
मत हो उदाश की आप दूर हो हमसे...!
क्योकि दूरियाँ ही रिश्तो का एहसास कराती हैं !!
(५) दोस्ती ज़िन्दगी में रौशनी कर देती हैं !
हर ख़ुशी को दोगुनी कर देती हैं.....!!
कभी झूम के बरसती हैं बंज़र दिल पे !
कभी अमावस को चांदनी कर देती हैं !!
Post Top Ad
Responsive Ads Here
Tags
# शेरो-शायरी
# Shero-Shairi
Share This
About Shivam Upadhyay
Shero-Shairi
लेबल:
शेरो-शायरी,
Shero-Shairi
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Post Bottom Ad
Responsive Ads Here
Author Details
Shayari ki Duniya me chala gya hu.app bhi chale jayiye
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें